सावन शायरी 2024 | Happy Sawan Wishes Hindi Shayari, Images

सावन शायरी: अबकि सावन में ये शरारत मेरे साथ हुई.., दिल-ओ-दिमाग को हरा कर देंगे सावन पर लिखे मशहूर शायरों के ये चुनिंदा शेर

इस साल सावन की शुरुआत कल यानी 22 जुलाई से होने वाली है.. इस महीने में शिव की खास पूजा अर्चना की जाती है, जिससे शिव भक्तों को खास फल की प्राप्ति होती है. कल ये ही कांवर यात्रा भी शुरू हो जाएगी. चलिए इस महीने की शुरुआत को और भी खास बनाने के लिए आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और शिव भक्तों को कुछ मैसेज, कोट्स, शायरी भेजें और उन्हें इस पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दें.


सावन शायरी 2024 | Happy Sawan Wishes Hindi Shayari, Images

 झड़ी ऐसी लगा दी है मिरे अश्कों की बारिश ने

दबा रक्खा है भादों को भुला रक्खा है सावन को

साइल देहलवी

सावन की रुत आ पहुंची काले बादल छाएंगे
कलियां रंग में भीगेंगी फूलों में रस आएंगे
सागर निजामी

बरसती आग से कुछ कम नहीं बरसात सावन की 
जला कर ख़ाक कर देती है दिल को रात सावन की 

उठी हैं काली काली बदलियाँ क्या तुम न आओगे 
गुज़र जाएगी क्या तन्हा भरी बरसात सावन की 
राजेन्द्र नाथ रहबर

सावन में घबरा जाता है 
दिल मेरा सहरा जाता है 

असल सफ़र है वहाँ से आगे 
जहाँ तलक रस्ता जाता है 
परवीन कुमार अश्क

आंख बरसी है तिरे नाम पे सावन की तरह
जिस्म सुलगा है तिरी याद में ईंधन की तरह
मुर्तजा बरलास

आया सावन का महीना नज़र आया झूला
दिल को भाया मिरी आंखों में समाया झूला
अख्तर शीरानी

किसी की ख़ातिर हो फूल सावन 
मिरे लिए तो बबूल सावन 
न जाने कब था ये पानी पानी 
है इस बरस धूल धूल सावन 
तस्लीम नियाजी

बरसा है अश्कों का सावन भी दिल की अंगनाई में 
फूल खिले हैं ग़म के कितने आज मिरी तन्हाई में 

सावन का महीना भी है बारिश भी नहीं है 
सूखे हुए खेतों पे नवाज़िश भी नहीं है 

हर गाम पे तूफ़ाँ का तसलसुल है मिरे साथ 
पैरों में अभी तक मिरे लग़्ज़िश भी नहीं है 
खालिद रहीम

शिव की भक्ति से नूर मिलता है
सबके दिलों को सुकून मिलता है
जो भी लेता है दिल से भोले का नाम
उसे भोले का आशीर्वाद जरूर मिलता है।

भोलेनाथ की बनी रहे आप पर छाया
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया
मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में
जो कभी किसी ने नहीं पाया

भोले की भक्ति में मुझे डूब जाने दो
शिव के चरणों में शीश झुकाने दो
आई है शिवरात्रि मेरे भोले बाबा का दिन
आज के दिन मुझे भोले के गीत गाने दो

शिव की बनी रहे आप पर छाया
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया
मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में
जो कभी किसी ने भी न पाया

शिव की शक्ति से
शिव की भक्ति से
खुशियों की बहार मिले
महादेव की कृपा से
आप सब दोस्तों को जिंदगी में प्यार मिले

मंदिर की घंटी, आरती की थाली,
नदी के किनारे सूरज की लाली।
जिंदगी लाए खुशी की बहार,
मुबारक हो आपको सावन का का त्यौहार

शिव की बनी रहे आप पर छाया
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया
मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में
जो कभी किसी ने भी न पाया

सावन शायरी 2 लाइन | बरसात शायरी | रिमझिम सावन शायरी



सावन एक महीने 'क़ैसर' आँसू जीवन भर
इन आँखों के आगे बादल बे-औक़ात लगे

क़ैसर-उल जाफ़री
नफ़स नफ़स पे यहाँ रहमतों की बारिश है
है बद-नसीब जिसे ज़िंदगी न रास आई
पयाम फ़तेहपुरी
हो लेने दो बारिश हम भी रो लेंगे
दिल में हैं कुछ ज़ख़्म पुराने धो लेंगे
सदार आसिफ़
कल तिरे एहसास की बारिश तले
मेरा सूना-पन नहाया देर तक
नीना सहर
सावन की इस रिम-झिम में
भीग रहा है तन्हा चाँद
इंद्र सराज़ी
रहती है शब-ओ-रोज़ में बारिश सी तिरी याद
ख़्वाबों में उतर जाती हैं घनघोर सी आँखें
अफ़ज़ाल नवेद
पड़े हैं नफ़रत के बीच दिल में बरस रहा है लहू का सावन
हरी-भरी हैं सरों की फ़सलें बदन पे ज़ख़्मों के गुल खिले हैं
हारून फ़राज़
ये हुस्न-ए-नौ-बहार ये सावन की बदलियाँ
पीना है फ़र्ज़ और न पीना हराम आज
अज्ञात
रुकी रुकी सी है बरसात ख़ुश्क है सावन
ये और बात कि मौसम यही नुमू का है
जुनैद हज़ीं लारी
बारिश शराब-ए-अर्श है ये सोच कर 'अदम'
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया
अब्दुल हमीद अदम
मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है
गुलज़ार
याद आई वो पहली बारिश
जब तुझे एक नज़र देखा था
नासिर काज़मी
बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
निदा फ़ाज़ली
हम से पूछो मिज़ाज बारिश का
हम जो कच्चे मकान वाले हैं
अशफ़ाक़ अंजुम
बरस रही थी बारिश बाहर
और वो भीग रहा था मुझ में
नज़ीर क़ैसर
वो तिरे नसीब की बारिशें किसी और छत पे बरस गईं
दिल-ए-बे-ख़बर मिरी बात सुन उसे भूल जा उसे भूल जा
अमजद इस्लाम अमजद
अब के सावन में शरारत ये मिरे साथ हुई
मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई
गोपालदास नीरज

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